تركيا ليست بذلك المكانة ان تجد قاعدة صلبة لتتحدى اي خصم حتى ولو ان لديها
مناصرين من بعض الجماعات الاسلامية التي استغلت صوتها بالوطن العربي .
الاطماع التركية في المحيط العربي قد فشل اصلا فيما يخص مصر وتونس واليمن
والسعودية بسبب او بآخر ان الاسلاميين العرب في بادئ الأمر لم تتضح لهم
الصورة الكاملة مقارنة باالوقت الراهن .مثلا استغل اردوغان الخطاب الشعبوي
المزيف المناهض لاسرائيل لاستقطاب التأييد العربي وكذلك استغل فوضى الشعوب مثل ربيع مصر وتونس . حتى سوريا سقط فيها اردوغان بين مقص الوجود الروسي
والامريكي . اردوغان اراد ان يبني امبراطورية لكن مايحصل بالفعل والوصف الدقيق انه يجني مزيدا من العداوة في محيطه العربي وكذلك الاوروبي لسبب جوهري ان سياسته
مصالح بحتة وليست مبنية على سياسة ثابتة ولم يعد ذو مصداقية لدى الامريكان والروس حتى يكون هناك تحالف استراتيجي بينه وبين هذة وتلك .
اردوغان عندما يريد ان يبتز الامريكان يستخدم ورقة روسيا والعكس . ومن جانب آخر علاقته بالجانب الاوربي افقده الامل في الحصول على عضوية الاتحاد الاوروبي وقد حاول مرارا ان يبتز اوروبا باالاجئين .
اردوغان كان يراهن على ضرب عمود مصر الا وهو الجيش وكذلك كان يراهن على خلق
ازمة اكبر فيما بين مجلس التعاون الخليجي . لكنه ادرك ان العرب اذكى مما
يتوقع فمهما كانت خلافاتهم لن يصبحو باب يدخل به اردوغان بصهيل حصانه كمسيطر فعلي .
Thursday, November 22, 2018
Monday, October 15, 2018
मोदी को किन-किन रंगों से परहेज़
लेकिन ये मौजूदा समय में हो रहा है. वैसे इसकी एक वजह ये भी हो सकती है
कि नरेंद्र मोदी काले कपड़ों से भी परहेज़ करते हैं. इसका जिक्र निलांजन मुखोपाध्याय ने 'नरेंद्र मोदी : द मैन, द टाइम्स' में किया है.
इस पुस्तक के एक चैप्टर में मोदी कुर्ता बनाने वाले चौहान ब्रदर्स में से एक बिपिन चौहान ने कहा है कि मोदी आम तौर पर काले कपड़ों से दूर ही रहते हैं और सौ फ़ीसद काला रंग तो बिल्कुल नहीं पहनते. उनकी कलाई पर एक काला धागा ज़रूर बंधा होता है, लेकिन उसका मकसद शायद बुरी नज़र से बचाना है.
यह काला कलावा पहले मुस्लिम पीरों वगैरह के आस्तीनों पर बांधा जाता था, लेकिन अब इसका चलन पुजारियों और शनि जैसे देवताओं के मंदिरों में हो गया है. बिपिन चौहान के दावों के मुताबिक रंग-बिरंगे परिधान पहनने वाले मोदी हरे रंग से भी दूरी बरतते हैं.तिहास के नज़रिए से देखें तो शासक वर्ग काले रंग को हमेशा नापसंद करता आया है, ख़ासकर वे शासक जो सामंती, एकाधिकारवादी, तानाशाह और सत्ता के मद के साथ आनेवाले दुराग्रहों और अंधविश्वासों से संचालित से होते हैं. इनका इतिहास जानना अपने आप में कम दिलचस्प नहीं है.
बीसवीं सदी के सबसे बड़े उपन्यासकार कहे जानेवाले कोलंबियाई लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्केज़ ने अपने कई इंटरव्यू और ख़ासकर एक दूसरे कोलम्बियाई लेखक प्लीनियो मेंदोसा से एक लम्बी बातचीत 'अमरूद की खुश्बू' में लातिन अमरीका के कई तानाशाहों की ख़ब्तों और सनकों का दिलचस्प ज़िक्र किया है.
मसलन, एक तानाशाह ने अपने देश में काली दाढ़ी रखने और दूसरे तानाशाह ने काली छतरी लेकर चलने पर पाबंदी लगा दी थी क्योंकि ज्योतिषियों ने काले रंग को उनके लिए अशुभ बताया था.
हैती के शासक फ्रांस्वा दुबलिये उर्फ़ पापा डॉक (1957-97) ने अपने देश में काले रंग के तमाम कुत्तों को मरवा दिया था. उसका अन्धविश्वास था कि उसके विरोधी नेता क्लेमे बारबो ने जादू के ज़रिये खुद को काले कुत्ते में बदल दिया है और उससे बदला लेने जा रहा है. कहते हैं, बारबो को फांसी पर चढ़ाने के बाद उसने जादू-टोने के लिए उसका सर अपने पास रख लिया.
दाढ़ी और लम्बे बालों के एक और दुश्मन तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति सपरमुरत नियाज़ोव (1990-2006) भी रहे जिन्होंने सोवियत संघ के टूटने-बिखरने के बाद अपने देश की सत्ता हथिया ली और कई अजीब फ़रमान जारी किए. काली दाढ़ी इसलिए उनके निशाने पर थी कि इस्लाम में जायज़ या ज़रूरी होने पर भी उससे नौजवान पीढ़ी अपनी 'अलग पहचान' बना रही थी.
नियाज़ोव ने काली कारों पर भी प्रतिबन्ध लगाया. वे कुत्तों को नापसंद करते थे और वे चाहे किसी भी रंग के हों, उन्हें अपने राज्य से बाहर खदेड़ देते थे. उसके शासन में संगीत कार्यक्रमों में होंठ हिलाकर नक़ल करने, टीवी पर मेकअप करके आने और तम्बाकू चबाने की भी मनाही थी. यही नहीं, उन्होंने एक अनोखा कैलेंडर भी चलाया जिसमें वर्ष की शुरुआत उसकी जन्मतिथि से मानी गई.रअसल काले रंग से भड़कने का समाजशास्त्र और मनोविज्ञान ख़ासा पुराना है. रोमन साम्राज्य के समय से ही उसे शोक, अशुभ, मौत, जादू-टोने और चुड़ैलों से जोड़ा जाता रहा. पश्चिमी देशों में मृतक के अंतिम संस्कार पर काले वस्त्र पहनकर आने का चलन उसी परंपरा का विस्तार है.
यह परंपरा विक्टोरियाई युग (1861) में शुरू हुई थी जहां विधवाएं दो-तीन वर्ष तक काले वस्त्र पहनने के लिए विवश थीं. sex
लेकिन अठारहवीं-उन्नीसवीं शताब्दी में वह वर्ड्सवर्थ, बायरन, शेली, कीट्स, विलियम ब्लेक, कोलरिज जैसे महान रोमांटिक कवियों का सबसे प्रिय रंग बना, जो अक्सर काले कपड़ों में रहते थे. वे कवियों को राजा-रानियों से श्रेष्ठ मानते थे और लीक से हटकर चलते हुए विक्टोरियाई युग की तथाकथित नैतिकताओं के ख़िलाफ़ थे. शेली का प्रसिद्ध कथन है कि 'कवि विश्व के स्वघोषित दूत' होते हैं.
बीसवीं सदी आते-आते काले रंग का अर्थ बदल गया और उसने महंगे और ऊंचे दर्जे के फ़ैशन में प्रवेश किया. काले कपड़ों को संपन्न-सुरुचिपूर्ण रहन-सहन और परिधान का हिस्सा बनाने में फ़्रांस के फ़ैशन डिज़ाइनरों का बहुत हाथ है.सी के आसपास ब्रिटेन में बीटल गायकों और उससे कुछ पहले अमरीका की बीट पीढ़ी ने भी व्यवस्था-विरोध के प्रतीक के रूप में काले कपड़े अपनाए. काले रंग की अहमियत बढ़ने के साथ उसका विरोध भी हुआ और कहा गया कि 'पेरिस का फ़ैशन एक स्थाई अंतिम संस्कार' बन चुका है.
लेकिन बड़ी फ़ैशन कंपनियों का कहना था कि काला रंग एक साथ 'बहुत शांत, विनम्र, अखंड और रहस्यमय' है.
एक मशहूर कंपनी ईव्स सांलरा का ख़याल था, 'काला परिधान महिलाओं को पेंसिल की एक ही रेखा में परिभाषित, शैलीकृत और प्रतिष्ठित' कर देता है'. कुल मिलाकर शोक के इस रंग को फ़्रांस ने एक 'प्रसन्न रंग' में बदल दिया.
एक डिज़ाइनर का कहना था, "काला एक काव्यात्मक रंग है. आप किसी कवि की कैसी कल्पना करते हैं? चटख़ पीली जैकेट पहने हुए? शायद नहीं." काला अब इतना अधिक प्रचलन में आ गया है कि अगर सर्दियों में देखें तो पूरा यूरोप काले कपड़ों में मातम मनाता हुआ नज़र आएगा.
लेकिन विरोध और प्रतिरोध के रंग के रूप में काले की अहमियत हमेशा बनी रही है. मध्यवर्गीय उपभोक्ताकरण के इस भीषण दौर में जहां विरोध-प्रतिरोध-प्रदर्शन ख़त्म हो रहे हैं, काले झंडे जब कभी नज़र आते हैं तो एक उम्मीद बंधती है कि शायद कोई बदलाव हो रहा है या होनेवाला है.
इस पुस्तक के एक चैप्टर में मोदी कुर्ता बनाने वाले चौहान ब्रदर्स में से एक बिपिन चौहान ने कहा है कि मोदी आम तौर पर काले कपड़ों से दूर ही रहते हैं और सौ फ़ीसद काला रंग तो बिल्कुल नहीं पहनते. उनकी कलाई पर एक काला धागा ज़रूर बंधा होता है, लेकिन उसका मकसद शायद बुरी नज़र से बचाना है.
यह काला कलावा पहले मुस्लिम पीरों वगैरह के आस्तीनों पर बांधा जाता था, लेकिन अब इसका चलन पुजारियों और शनि जैसे देवताओं के मंदिरों में हो गया है. बिपिन चौहान के दावों के मुताबिक रंग-बिरंगे परिधान पहनने वाले मोदी हरे रंग से भी दूरी बरतते हैं.तिहास के नज़रिए से देखें तो शासक वर्ग काले रंग को हमेशा नापसंद करता आया है, ख़ासकर वे शासक जो सामंती, एकाधिकारवादी, तानाशाह और सत्ता के मद के साथ आनेवाले दुराग्रहों और अंधविश्वासों से संचालित से होते हैं. इनका इतिहास जानना अपने आप में कम दिलचस्प नहीं है.
बीसवीं सदी के सबसे बड़े उपन्यासकार कहे जानेवाले कोलंबियाई लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्केज़ ने अपने कई इंटरव्यू और ख़ासकर एक दूसरे कोलम्बियाई लेखक प्लीनियो मेंदोसा से एक लम्बी बातचीत 'अमरूद की खुश्बू' में लातिन अमरीका के कई तानाशाहों की ख़ब्तों और सनकों का दिलचस्प ज़िक्र किया है.
मसलन, एक तानाशाह ने अपने देश में काली दाढ़ी रखने और दूसरे तानाशाह ने काली छतरी लेकर चलने पर पाबंदी लगा दी थी क्योंकि ज्योतिषियों ने काले रंग को उनके लिए अशुभ बताया था.
हैती के शासक फ्रांस्वा दुबलिये उर्फ़ पापा डॉक (1957-97) ने अपने देश में काले रंग के तमाम कुत्तों को मरवा दिया था. उसका अन्धविश्वास था कि उसके विरोधी नेता क्लेमे बारबो ने जादू के ज़रिये खुद को काले कुत्ते में बदल दिया है और उससे बदला लेने जा रहा है. कहते हैं, बारबो को फांसी पर चढ़ाने के बाद उसने जादू-टोने के लिए उसका सर अपने पास रख लिया.
दाढ़ी और लम्बे बालों के एक और दुश्मन तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति सपरमुरत नियाज़ोव (1990-2006) भी रहे जिन्होंने सोवियत संघ के टूटने-बिखरने के बाद अपने देश की सत्ता हथिया ली और कई अजीब फ़रमान जारी किए. काली दाढ़ी इसलिए उनके निशाने पर थी कि इस्लाम में जायज़ या ज़रूरी होने पर भी उससे नौजवान पीढ़ी अपनी 'अलग पहचान' बना रही थी.
नियाज़ोव ने काली कारों पर भी प्रतिबन्ध लगाया. वे कुत्तों को नापसंद करते थे और वे चाहे किसी भी रंग के हों, उन्हें अपने राज्य से बाहर खदेड़ देते थे. उसके शासन में संगीत कार्यक्रमों में होंठ हिलाकर नक़ल करने, टीवी पर मेकअप करके आने और तम्बाकू चबाने की भी मनाही थी. यही नहीं, उन्होंने एक अनोखा कैलेंडर भी चलाया जिसमें वर्ष की शुरुआत उसकी जन्मतिथि से मानी गई.रअसल काले रंग से भड़कने का समाजशास्त्र और मनोविज्ञान ख़ासा पुराना है. रोमन साम्राज्य के समय से ही उसे शोक, अशुभ, मौत, जादू-टोने और चुड़ैलों से जोड़ा जाता रहा. पश्चिमी देशों में मृतक के अंतिम संस्कार पर काले वस्त्र पहनकर आने का चलन उसी परंपरा का विस्तार है.
यह परंपरा विक्टोरियाई युग (1861) में शुरू हुई थी जहां विधवाएं दो-तीन वर्ष तक काले वस्त्र पहनने के लिए विवश थीं. sex
लेकिन अठारहवीं-उन्नीसवीं शताब्दी में वह वर्ड्सवर्थ, बायरन, शेली, कीट्स, विलियम ब्लेक, कोलरिज जैसे महान रोमांटिक कवियों का सबसे प्रिय रंग बना, जो अक्सर काले कपड़ों में रहते थे. वे कवियों को राजा-रानियों से श्रेष्ठ मानते थे और लीक से हटकर चलते हुए विक्टोरियाई युग की तथाकथित नैतिकताओं के ख़िलाफ़ थे. शेली का प्रसिद्ध कथन है कि 'कवि विश्व के स्वघोषित दूत' होते हैं.
बीसवीं सदी आते-आते काले रंग का अर्थ बदल गया और उसने महंगे और ऊंचे दर्जे के फ़ैशन में प्रवेश किया. काले कपड़ों को संपन्न-सुरुचिपूर्ण रहन-सहन और परिधान का हिस्सा बनाने में फ़्रांस के फ़ैशन डिज़ाइनरों का बहुत हाथ है.सी के आसपास ब्रिटेन में बीटल गायकों और उससे कुछ पहले अमरीका की बीट पीढ़ी ने भी व्यवस्था-विरोध के प्रतीक के रूप में काले कपड़े अपनाए. काले रंग की अहमियत बढ़ने के साथ उसका विरोध भी हुआ और कहा गया कि 'पेरिस का फ़ैशन एक स्थाई अंतिम संस्कार' बन चुका है.
लेकिन बड़ी फ़ैशन कंपनियों का कहना था कि काला रंग एक साथ 'बहुत शांत, विनम्र, अखंड और रहस्यमय' है.
एक मशहूर कंपनी ईव्स सांलरा का ख़याल था, 'काला परिधान महिलाओं को पेंसिल की एक ही रेखा में परिभाषित, शैलीकृत और प्रतिष्ठित' कर देता है'. कुल मिलाकर शोक के इस रंग को फ़्रांस ने एक 'प्रसन्न रंग' में बदल दिया.
एक डिज़ाइनर का कहना था, "काला एक काव्यात्मक रंग है. आप किसी कवि की कैसी कल्पना करते हैं? चटख़ पीली जैकेट पहने हुए? शायद नहीं." काला अब इतना अधिक प्रचलन में आ गया है कि अगर सर्दियों में देखें तो पूरा यूरोप काले कपड़ों में मातम मनाता हुआ नज़र आएगा.
लेकिन विरोध और प्रतिरोध के रंग के रूप में काले की अहमियत हमेशा बनी रही है. मध्यवर्गीय उपभोक्ताकरण के इस भीषण दौर में जहां विरोध-प्रतिरोध-प्रदर्शन ख़त्म हो रहे हैं, काले झंडे जब कभी नज़र आते हैं तो एक उम्मीद बंधती है कि शायद कोई बदलाव हो रहा है या होनेवाला है.
Monday, October 8, 2018
为何1000亿美元对最不发达国家至关重要?
最不发达国家( )
被认为是在气候变化面前最脆弱的一群国家。由于生产力低下, 经济不发达,没有能力承受极端气候的冲击, 这些国家需要得到高度关注及额外的援助。
联合国最不发达国家名单中大部分都是非洲国家, 另外还有亚洲和大洋洲的几个国家。
国际社会,尤其是发达国家, 曾反复承诺为最不发达国家提供气候资金,却始终没有实质进展。 每年的联合国气候变化框架公约( )缔约方会议上, 气候资金都是谈判的核心议题。
2001年,在马拉喀什举行的第七届缔约方会议( )上, 成立了最不发达国家基金( ), 目的是帮助这些国家开展国家适应行动计划( ), 准备并开展适应性措施。
在48个最不发达国家( )中, 几乎所有国家都已制定并提交了各自的预案, 然而其中大部分的项目仍在等待资金援助。 据联合国气候变化框架公约( )估计, 全面落实国家适应行动计划( ) 仍需要20亿美元的资金。
在哥本哈根召开的第15届缔约方会议( )上, 发达国家政治上承诺将扩大对发展中国家的经济援助, 在2020年之前,每年向发展中国家提供1000亿美元的资助。 此外, 这些国家还承诺在2010年到2012年间提供300亿美元的资 助。
这些年来,这一承诺在某些情况下并没有得到兑现。 某些向发展中国家提供的常规发展援助被重复计入了气候援助资金。 成立绿色气候资金( ) 的目的就是为了筹集1000亿美元援助承诺中的大部分资金, 但是这一目标却因一次又一次的拖延而受到影响。
最不发达国家需要及时获得援助。首先,最不发达国家是最脆弱、 能力最低的国家,因此, 公平的资金优先分配权对于支持他们开展适应性措施, 逐渐朝着有承受力的未来发展至关重要。 这些国家的很多人与社区都已经感受到了气候变化带来的压力, 并且备受损失。因此,这一援助应当是传统发展援助之外的补充。 此项资金还应该帮助最不发达国家走上低碳发展的道路。
其次,根据公约的规定, 应当从这1000亿美元中拨出一部分专门用来帮助最不发达的国家 ,填补这些国家的资金缺口,从而帮助他们开展国家适应计划( )以及未来的适应项目。适应基金、 绿色气候基金以及其他渠道筹措的资金不应大打折扣。
第三,气候资金的分配对于最不发达国家体制、政策、项目、 以及吸纳资金应对自身需求等方面的能力建设至关重要。时至今日, 很多最不发达国家计划和项目的落实仍然依赖于国际机构。 此项基金应当帮助他们建立自身的执行机制。
最后,最不发达国家认为,承诺的气候资金一旦到位, 他们就能开始应对气候变化,并且走上可持续的发展道路。 落实气候资金能拯救很多人的生命与生计,保障粮食安全, 增强未来抵御气候变化的能力。 这也就是为什么最不发达国家在气候谈判过程中最关注这个问题的原 因。但愿那些做出承诺的援助国能铭记这一点。
联合国最不发达国家名单中大部分都是非洲国家,
国际社会,尤其是发达国家,
2001年,在马拉喀什举行的第七届缔约方会议( )上,
在48个最不发达国家( )中,
在哥本哈根召开的第15届缔约方会议( )上,
这些年来,这一承诺在某些情况下并没有得到兑现。
最不发达国家需要及时获得援助。首先,最不发达国家是最脆弱、
其次,根据公约的规定,
第三,气候资金的分配对于最不发达国家体制、政策、项目、
最后,最不发达国家认为,承诺的气候资金一旦到位,
Tuesday, October 2, 2018
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, विश्व को स्वच्छ बनाने के लिए 4P जरूरी
- कोई चीज गंदगी से घिरी हुई है और वहां पर उपस्थित व्यक्ति अगर उसे बदलता नहीं है, सफाई नहीं करता है, तो फिर वो उस गंदगी को स्वीकार करने लगता है. कुछ समय बाद ऐसी स्थिति हो जाती है कि वो गंदगी उसे गंदगी लगती ही नहीं. यानि एक तरह से अस्वच्छता व्यक्ति कि चेतना को जड़ कर देती है. जब व्यक्ति गंदगी को स्वीकार नहीं करता, उसे साफ करने के लिए प्रयत्न करता है, तो उसकी चेतना भी चलायमान हो जाती है. उसमें एक आदत आती
- है कि वो परिस्थितियों को ऐसे ही स्वीकार नहीं करेगा.
- आज मैं आपके सामने स्वीकार करता हूं कि अगर मैंने गांधी जी को, उनके विचारों को, इतनी गहराई से नहीं समझा होता, तो हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में भी स्वच्छता अभियान कभी नहीं आ पाता. मुझे पूज्य बापू से ही प्रेरणी मिली, और उन्हीं के मार्गदर्शन से स्वच्छ भारत अभियान भी शुरू हुआ. आज मुझे गर्व है कि गांधी जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए सवा सौ करोड़ भारतवासियों ने स्वच्छ भारत अभियान को दुनिया का सबसे बड़ा जन आंदोलन बना दिया है.
- इसी जनभावना का परिणाम है कि 2014 से पहले ग्रामीण स्वच्छता का जो दायरा लगभग 38 प्रतिशत था, आज 94 प्रतिशत हो चुका है. भारत में खुले में शौच से मुक्त- गांवों की संख्या 5 लाख को पार कर चुकी है. भारत के 25 राज्य खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं.
- चार साल पहले, खुले में शौच करने वाली वैश्विक आबादी का 60% हिस्सा भारत में था, आज ये 20% से भी कम हो चुका है. इन चार वर्षों में सिर्फ शौचालय ही नहीं बने, गांव-शहर ही नहीं बने बल्कि 90% से अधिक शौचालयों का नियमित उपयोग भी हो रहा है.
- आज जब मैं सुनता हूं, देखता हूं, कि स्वच्छ भारत अभियान ने भारत के लोगों का मिज़ाज बदल दिया है, किस तरह से भारत के गांवों में बीमारियां कम हुई हैं, इलाज पर होने वाला खर्च कम हुआ है, तो बहुत संतोष मिलता है.
- समृद्ध दर्शन, पुरातन प्रेरणा, आधुनिक तकनीक और प्रभावी कार्यक्रमों के सहारे आज भारत के सतत विकास लक्ष्योंके लक्ष्यों को हासिल करने की तरफ भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. हमारी सरकार पर स्वच्छता के साथ ही पोषण पर भी समान रूप से बल दे रही है.
- साथियों, मैं इस बात के लिए आपको बधाई देना चाहता हूं कि चार
दिन के इस सम्मलेन के बाद, हम सब इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि, विश्व को
स्वच्छ बनाने के लिए 4P आवश्यक हैं. ये चार मंत्र हैं: राजनीतिक नेतृत्व
( ), जनता से चंदा ( ), साझेदारी
( ), लोगों का सहयोग ) जरूरी हैनई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ते हुए गांधी जी ने एक बार कहा था कि वो स्वतंत्रता और स्वच्छता में से स्वच्छता को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने साल 1945 में प्रकाशित अपने 'रचनात्मक कार्यक्रम' में जिन जरूरी बातों का जिक्र किया था, उनमें ग्रामीण स्वच्छता भी एक महत्वपूर्ण सेक्शन था. उन्होंने कहा कि अगर आप बहुत बारीकी से गौर करेंगे, मनन करेंगे, तो पाएंगे कि जब हम अस्वच्छता को दूर नहीं करते तो वही अस्वच्छता हम में परिस्थितियों को स्वीकार करने की प्रवृत्ति पैदा करने लगती है.
Friday, September 7, 2018
美国加州采用新的燃油标准
据美联社报道,美国加利福尼亚州空气质量监管机构率先于全国推行低碳燃料的使用标准,这也是该州为减少温室气体排放而做出的努力之一。该标准预计将为替代燃料创造新的市场,并有望成为国家政策的模本。
州长阿诺德施瓦辛格认为加州空气资源委员的这项举动将会“鼓励创新,扩大消费者的选择,并对转变能源基础设施建设所需的私人投资形成激励。”
该规则要求到2020年,在美国销售的燃料含碳量降低10 %,这包括从开发新钻探油井、种植玉米到运输汽油至加油站所有提供给加州消费者的汽油和柴油的气体排放。交通运输占加州40 %的温室气体排放量。
酒精行业代表对新规则表示批评,称监管机构夸大了环境对玉米酿醇的影响。他们同时反对空气资源委员对于挂钩全球森林砍伐、其他土地转换与美国生物燃料生产的计划。
根据低碳燃料标准,石油精炼厂、混合燃料公司和分销商必须在2011年初开始在加州增加对燃料清洁剂的销售。石油行业警告美国这一举动步伐过快,缺乏足够的市场所需的替代燃料保证。
据美联社引述一份来自亚洲开发银行的研究,气候变化对东南亚,尤其是越南,造成的冲击将尤为严重。到本世纪末,该地区每年造成的经济损失将多达6.7 % 。由于该地区严重依赖大米和其他农业产品,而这些产品可能因水短缺以及洪涝而歉收。
此研究集中在印度尼西亚、菲律宾、
“气候变化严重威胁东南亚的家庭、粮食供应和金融繁荣”, 世界银行知识管理和可持续发展的副总裁乌苏拉舍费尔-普罗伊斯说, “如果东南亚国家在气候变化上行动缓慢,其经济和人民将最终受到损害。 ”
研究称,假如不对全球变暖采取行动,到2100年,这四个亚洲国家的平均气温将比1990年提高4.8摄氏度。这些国家还可能由于降雨量下降而遭受大旱和更多的森林火灾,更具破坏性的热带风暴和海平面上升引发的水灾将可能造成数百万人的迁移,并导致保护海岸线的二千五百平方公里的红树林遭到破坏。
根据这份报告,到2100年,仅气候变化造成的经济损失将达到国内生产总值的2.2 %。加上医疗费用和生物多样性丧失等因素,上述损失将占到国内生产总值的5.7 % 。如果把与气候有关的灾害造成的损失也列入计算,则将达到6.7 %。原本预计到本世纪末,气候变化每年在全球范围内造成的损失约占2.6%的国内生产总值,而现在的预测数据则大大高于先前的估计。
Tuesday, September 4, 2018
假如有一部能检测食品安全的手机
最近看了一个不那么好笑的笑话, 有个女生在吃饭的时候不停的给食物拍照, 旁边的一个外国人觉得很奇怪,便问道:“ 你的手机都可以拍出食物里有什么东西么?”此女无语, 接着便感叹道:“要是真的能这样就好了”。
是啊,要是每个中国人都有一部能够检测出食品中有害物质的手机,
不仅食品安全事件会销声匿迹了,卫生部门也可以松一口气, 媒体也少了很多新闻可以报道。但是, 这个笑话也从侧面反映了政府监管的不完善和环节的缺失, 以致于人人只有成为食品领域的专家才能够保证不受不安全食品的威 胁。
过去的几年间发生的重大食品安全事件仍然历历在目。2008年的 三聚氰胺毒奶粉事件、 之后的地沟油事件以及今年初的双汇瘦肉精事件、 上海染色馒头事件、 染色燕窝事件以及最近发生的瓶装水含有致癌物事件都在不断触动公 众脆弱的神经。
我在英国生活的三年里, 经常看新闻的我从没有看到过与食品安全有关的新闻报道。即使有, 那也应该是相当的少了。在这里,食品安全不是公众热议的话题, 但是即使缺少关注, 你也能切身感受到各种规章和制度在被严格的执行着。 我想这就是公众不必担忧食品安全的原因。
也许有人会说,那是因为西方社会道德水准高。 但是我认为当一个运行良好的监管系统能够确保制假者和违法者受到 严厉惩罚,任何人都会宁愿去遵守高道德水准而不会去铤而走险。
本文作者:张耀润,中外对话伦敦实习生。两家著名机构的研究报道,北冰洋海冰面积已经融化至历史最低值或第二低值。这项研究表明在十年内北冰洋海冰夏季可能会全部消融。在过去32年的卫星监控记录中,过去的五年是北冰洋海冰面积最小的五个年份。这可能是由人类活动引起的气候变化和自然天气模式的变化所共同造成的。
据路透社报道,夏季没有海冰的北冰洋可能会对全球气候造成影响。一些科学家已经认为更加温暖和空旷的北冰洋使北极低气压更容易南下扩散,是导致欧洲和北美近些年异常寒冷冬季的罪魁祸首。
.
极地科学家在2009年七月和八月拍摄了位于格陵兰西北的彼得曼冰川的图片并于今年夏季返回此地观察冰川的变化情况。这次调查发现这一冰川出现了巨大的变化。调查的详细情况及图片参见俄亥俄大学伯德极地研究中心的网站。
路透社援引欧盟气候变化及欧洲海洋生态系统研究项目的一份报告作为警示:随着冰层融化、气温升高和海洋生物的迁徙,欧洲的海域正在以不可预见的速度发生变化。报告紧急呼吁更多关于海平面变化、气温与环流变化、海岸线侵蚀、海洋酸化以及海洋生态系统的研究。
据《独立报》报道,著名联合国海洋生物学家表示,珊瑚礁将是第一个由于人类活动而从地球上消失的生物圈。联合国大学水资源、环境与健康学院的学科带领人彼得•塞尔说,珊瑚礁的绝迹将在本世纪末前发生。(点此观看濒临灭绝的珊瑚生态系统图)
虽然日本是一个善于应付多震的国家,福岛第一制药核灾难不同于过去的危机,《卫报》称,日本是一个循规蹈矩的国家,面临着很大的不确定性。在三月地震和海啸之后的核反应堆灾难后,人们已经接受这些概念“小但是极具健康危险,房屋,花园,街道和学校的长期污染,包装的食品离福岛越远越好。”
据 报道,在日本新首相野田佳彦上任以来的首份施政报告中,呼吁在福岛核电站事故后要求重启核电厂建设。然而野田说,日本应旨在减少对核电的长期依赖。
英国铁路乘客深切感受到全球商品市场的繁荣,据《金融时报》,盗贼团伙四处搜罗金属铜,然后到金属废料场变卖为现金。铁路两侧和电力分站的铜被盗窃,严重扰乱了火车旅行,今年至少有6人在盗窃危险电源线的金属时死亡。
是啊,要是每个中国人都有一部能够检测出食品中有害物质的手机,
过去的几年间发生的重大食品安全事件仍然历历在目。2008年的
我在英国生活的三年里,
也许有人会说,那是因为西方社会道德水准高。
本文作者:张耀润,中外对话伦敦实习生。两家著名机构的研究报道,北冰洋海冰面积已经融化至历史最低值或第二低值。这项研究表明在十年内北冰洋海冰夏季可能会全部消融。在过去32年的卫星监控记录中,过去的五年是北冰洋海冰面积最小的五个年份。这可能是由人类活动引起的气候变化和自然天气模式的变化所共同造成的。
据路透社报道,夏季没有海冰的北冰洋可能会对全球气候造成影响。一些科学家已经认为更加温暖和空旷的北冰洋使北极低气压更容易南下扩散,是导致欧洲和北美近些年异常寒冷冬季的罪魁祸首。
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极地科学家在2009年七月和八月拍摄了位于格陵兰西北的彼得曼冰川的图片并于今年夏季返回此地观察冰川的变化情况。这次调查发现这一冰川出现了巨大的变化。调查的详细情况及图片参见俄亥俄大学伯德极地研究中心的网站。
路透社援引欧盟气候变化及欧洲海洋生态系统研究项目的一份报告作为警示:随着冰层融化、气温升高和海洋生物的迁徙,欧洲的海域正在以不可预见的速度发生变化。报告紧急呼吁更多关于海平面变化、气温与环流变化、海岸线侵蚀、海洋酸化以及海洋生态系统的研究。
据《独立报》报道,著名联合国海洋生物学家表示,珊瑚礁将是第一个由于人类活动而从地球上消失的生物圈。联合国大学水资源、环境与健康学院的学科带领人彼得•塞尔说,珊瑚礁的绝迹将在本世纪末前发生。(点此观看濒临灭绝的珊瑚生态系统图)
虽然日本是一个善于应付多震的国家,福岛第一制药核灾难不同于过去的危机,《卫报》称,日本是一个循规蹈矩的国家,面临着很大的不确定性。在三月地震和海啸之后的核反应堆灾难后,人们已经接受这些概念“小但是极具健康危险,房屋,花园,街道和学校的长期污染,包装的食品离福岛越远越好。”
据 报道,在日本新首相野田佳彦上任以来的首份施政报告中,呼吁在福岛核电站事故后要求重启核电厂建设。然而野田说,日本应旨在减少对核电的长期依赖。
英国铁路乘客深切感受到全球商品市场的繁荣,据《金融时报》,盗贼团伙四处搜罗金属铜,然后到金属废料场变卖为现金。铁路两侧和电力分站的铜被盗窃,严重扰乱了火车旅行,今年至少有6人在盗窃危险电源线的金属时死亡。
路透社援引两家著名机构的研究报道,北冰洋海冰面积已经融化至历史最低值或第二低值。这项研究表明在十年内北冰洋海冰夏季可能会全部消融。在过去32年的卫星监控记录中,过去的五年是北冰洋海冰面积最小的五个年份。这可能是由人类活动引起的气候变化和自然天气模式的变化所共同造成的。
据路透社报道,夏季没有海冰的北冰洋可能会对全球气候造成影响。一些科学家已经认为更加温暖和空旷的北冰洋使北极低气压更容易南下扩散,是导致欧洲和北美近些年异常寒冷冬季的罪魁祸首。
.
极地科学家在2009年七月和八月拍摄了位于格陵兰西北的彼得曼冰川的图片并于今年夏季返回此地观察冰川的变化情况。这次调查发现这一冰川出现了巨大的变化。调查的详细情况及图片参见俄亥俄大学伯德极地研究中心的网站。
路透社援引欧盟气候变化及欧洲海洋生态系统研究项目的一份报告作为警示:随着冰层融化、气温升高和海洋生物的迁徙,欧洲的海域正在以不可预见的速度发生变化。报告紧急呼吁更多关于海平面变化、气温与环流变化、海岸线侵蚀、海洋酸化以及海洋生态系统的研究。
据《独立报》报道,著名联合国海洋生物学家表示,珊瑚礁将是第一个由于人类活动而从地球上消失的生物圈。联合国大学水资源、环境与健康学院的学科带领人彼得•塞尔说,珊瑚礁的绝迹将在本世纪末前发生。(点此观看濒临灭绝的珊瑚生态系统图)
虽然日本是一个善于应付多震的国家,福岛第一制药核灾难不同于过去的危机,《卫报》称,日本是一个循规蹈矩的国家,面临着很大的不确定性。在三月地震和海啸之后的核反应堆灾难后,人们已经接受这些概念“小但是极具健康危险,房屋,花园,街道和学校的长期污染,包装的食品离福岛越远越好。”
据 报道,在日本新首相野田佳彦上任以来的首份施政报告中,呼吁在福岛核电站事故后要求重启核电厂建设。然而野田说,日本应旨在减少对核电的长期依赖。
英国铁路乘客深切感受到全球商品市场的繁荣,据《金融时报》,盗贼团伙四处搜罗金属铜,然后到金属废料场变卖为现金。铁路两侧和电力分站的铜被盗窃,严重扰乱了火车旅行,今年至少有6人在盗窃危险电源线的金属时死亡。
据路透社报道,夏季没有海冰的北冰洋可能会对全球气候造成影响。一些科学家已经认为更加温暖和空旷的北冰洋使北极低气压更容易南下扩散,是导致欧洲和北美近些年异常寒冷冬季的罪魁祸首。
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极地科学家在2009年七月和八月拍摄了位于格陵兰西北的彼得曼冰川的图片并于今年夏季返回此地观察冰川的变化情况。这次调查发现这一冰川出现了巨大的变化。调查的详细情况及图片参见俄亥俄大学伯德极地研究中心的网站。
路透社援引欧盟气候变化及欧洲海洋生态系统研究项目的一份报告作为警示:随着冰层融化、气温升高和海洋生物的迁徙,欧洲的海域正在以不可预见的速度发生变化。报告紧急呼吁更多关于海平面变化、气温与环流变化、海岸线侵蚀、海洋酸化以及海洋生态系统的研究。
据《独立报》报道,著名联合国海洋生物学家表示,珊瑚礁将是第一个由于人类活动而从地球上消失的生物圈。联合国大学水资源、环境与健康学院的学科带领人彼得•塞尔说,珊瑚礁的绝迹将在本世纪末前发生。(点此观看濒临灭绝的珊瑚生态系统图)
虽然日本是一个善于应付多震的国家,福岛第一制药核灾难不同于过去的危机,《卫报》称,日本是一个循规蹈矩的国家,面临着很大的不确定性。在三月地震和海啸之后的核反应堆灾难后,人们已经接受这些概念“小但是极具健康危险,房屋,花园,街道和学校的长期污染,包装的食品离福岛越远越好。”
据 报道,在日本新首相野田佳彦上任以来的首份施政报告中,呼吁在福岛核电站事故后要求重启核电厂建设。然而野田说,日本应旨在减少对核电的长期依赖。
英国铁路乘客深切感受到全球商品市场的繁荣,据《金融时报》,盗贼团伙四处搜罗金属铜,然后到金属废料场变卖为现金。铁路两侧和电力分站的铜被盗窃,严重扰乱了火车旅行,今年至少有6人在盗窃危险电源线的金属时死亡。
Friday, August 31, 2018
J-K के टॉप-10 आतंकियों पर प्रहार की तैयारी, सेना ने जारी की लिस्ट
जम्मू-कश्मीर में आतंकी खौफ फैलाने के लिए नया पैंतरा आजमा रहे हैं. वो अब आम नागरिक और सेना को छोड़कर जम्मू-कश्मीर पुलिस
के कर्मियों और उनके परिवार वालों को निशाना बना रहे हैं. शुक्रवार तक
आतंकियों ने करीब 10 लोगों को अगवा किया है, ये सभी पुलिसकर्मियों के परिजन
हैं. अब सुरक्षा बलों ने 10 आतंकियों की लिस्ट बनाई है, जिनका खात्मा करने
के लिए सेना बड़ा ऑपरेशन चलाने वाली है. आइए जानते हैं कौन हैं वो आतंकी...आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का डिविजनल कमांडर जीनत उल इस्लाम उर्फ़ अलकामा.
शोपियां के ज़निपुरा का रहने वाला है. दक्षिण कश्मीर में आतंकी गतिविधियों
में शामिल है. आतंकी वसीम अहमद उर्फ़ ओसामा. यह आतंकी बुरहान वानी ग्रुप में भी शामिल था.
पिछले कुछ समय से शोपियां के डिस्ट्रिक्ट कमांडर के रूप में इसकी पहचान हुई
है.
आतंकी मोहम्मदजब भी प्रेम की मिसाल दी जाती है तो श्रीकृष्ण-राधा के प्रेम की मिसाल सबसे पहले आती है. राधा-श्रीकृष्ण के प्रेम को जीवात्मा और परमात्मा का मिलन कहा जाता है.राधा श्रीकृष्ण का बचपन का प्यार थीं. श्रीकृष्ण जब 8 साल के थे तब दोनों ने प्रेम की अनुभूति की. राधा श्रीकृष्ण के दैवीय गुणों से परिचित थीं. उन्होंने जिंदगी भर अपने मन में प्रेम की स्मृतियों को बनाए रखा. यही उनके रिश्ते की सबसे बड़ी खूबसूरती है.कहा जाता है कि श्रीकृष्ण को केवल दो ही चीजें सबसे ज्यादा प्रिय थीं. ये
श्रीकृष्ण के जितने भी चित्रण मिलते हैं, उनमें बांसुरी जरूर रहती है. बांसुरी श्रीकृष्ण के राधा के प्रति प्रेम का प्रतीक है. वैसे तो राधा से जुड़ीं कई अलग-अलग विवरण मौजूद हैं लेकिन एक प्रचलित कहानी नीचे दी गई है.दोनों चीजें भी आपस में एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई थीं- बांसुरी और राधा.कृष्ण की बांसुरी की धुन ही थी जिससे राधा श्रीकृष्ण की तरफ खिंची चली गईं. राधा की वजह से श्रीकृष्ण बांसुरी को हमेशा अपने पास ही रखते थे.भले ही श्रीकृष्ण और राधा का मिलन नहीं हो सका लेकि
भगवान श्रीकृष्ण से राधा पहली बार तब अलग हुईं जब मामा कंस ने बलराम और कृष्ण को आमंत्रित किया. वृंदावन के लोग यह खबर सुनकर दुखी हो गए.न उनकी बांसुरी उन्हें हमेशा एक सूत्र में बांधे रही. नावेद जट्ट उर्फ अबु हंजला. यह आंतकी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर है. आतंकी ज़हूर अहमद. हिज्बुल मुजाहिदीन का सदस्य. पुलवामा में आतंकी गतिविधियों में लिप्त. आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का चीफ ऑपरेशनल कमांडर हाफिज उमर. आतंकी जाकिर राशिद भट. आतंकी संगठन अनसर घजवात उल हिंद का कमांडर.
मथुरा जाने से पहले श्रीकृष्ण राधा से मिले थे.कृष्ण राधा से ये वादा करके गए थे कि वो वापस आएंगे. लेकिन कृष्ण राधा के पास वापस नहीं आए. उनकी शादी भी रुक्मिनी से हुई. रुक्मिनी ने भी श्रीकृष्ण को पाने के लिए बहुत जतन किए थे.
श्रीकृष्ण से विवाह के लिए वह अपने भाई रुकमी के खिलाफ चली गईं. राधा की तरह वह भी श्रीकृष्ण से प्यार करती थीं, रुक्मिनी ने श्रीकृष्ण को एक प्रेम पत्र भी भेजा था कि वह आकर उन्हें अपने साथ ले जाएं. इसके बाद ही कृष्ण रुक्मिनी के पास गए और उनसे शादी कर ली. राधा, कृष्ण के मन में चल रही हर गतिविधि को जानती थीं. राधा को अलविदा कह कृष्ण उनसे दूर चले गए.कृष्ण के वृंदावन छोड़ने के बाद से ही राधा का वर्णन बहुत कम हो गया. राधा और कृष्ण जब आखिरी बार मिले थे तो राधा ने कृष्ण से कहा था कि भले ही वो उनसे दूर जा रहे हैं, लेकिन मन से कृष्ण हमेशा उनके साथ ही रहेंगे. इसके बाद कृष्ण मथुरा गए और कंस और बाकी राक्षसों को मारने का अपना काम पूरा किया. इसके बाद प्रजा की रक्षा के लिए कृष्ण द्वारका चले गए और द्वारकाधीश के नाम से लोकप्रिय हुए.
जब कृष्ण वृंदावन से निकल गए तब राधा की जिंदगी ने अलग ही मोड़ ले लिया था. राधा की शादी एक यादव से हो गई. राधा ने अपने दांपत्य जीवन की सारी रस्में निभाईं और बूढ़ी हुईं, लेकिन उनका मन तब भी कृष्ण के लिए समर्पित था.राधा ने पत्नी के तौर पर अपने सारे कर्तव्य पूरे किए. दूसरी तरफ श्रीकृष्ण ने अपने दैवीय कर्तव्य निभाए.
सारे कर्तव्यों से मुक्त होने के बाद राधा आखिरी बार अपने प्रियतम कृष्ण से मिलने गईं. जब वह द्वारका पहुंचीं तो उन्होंने कृष्ण की रुक्मिनी और सत्यभामा से विवाह के बारे में सुना लेकिन वह दुखी नहीं हुईं.
जब कृष्ण ने राधा को देखा तो बहुत प्रसन्न हुए. दोनों संकेतों की भाषा में एक दूसरे से काफी देर तक बातें करते रहे. राधा जी को कान्हा की नगरी द्वारिका में कोई नहीं पहचानता था. राधा के अनुरोध पर कृष्ण ने उन्हें महल में एक देविका के रूप में नियुक्त किया.
राधा दिन भर महल में रहती थीं और महल से जुड़े कार्य देखती थीं. मौका मिलते ही वह कृष्ण के दर्शन कर लेती थीं. लेकिन महल में राधा ने श्रीकृष्ण के साथ पहले की तरह का आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस नहीं कर पा रही थीं इसलिए राधा ने महल से दूर जाना तय किया. उन्होंने सोचा कि वह दूर जाकर दोबारा श्रीकृष्ण के साथ गहरा आत्मीय संबंध स्थापित कर पाएंगी.
उन्हें नहीं पता था कि वह कहां जा रही हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जानते थे. धीरे-धीरे समय बीता और राधा बिलकुल अकेली और कमजोर हो गईं. उस वक्त उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की आवश्यकता पड़ी. आखिरी समय में भगवान श्रीकृष्ण उनके सामने आ गए.
कृष्ण ने राधा से कहा कि वह उनसे कुछ मांगें, लेकिन राधा ने मना कर दिया. कृष्ण के दोबारा अनुरोध करने पर राधा ने कहा कि वह आखिरी बार उन्हें बांसुरी बजाते देखना चाहती हैं. श्रीकृष्ण ने बांसुरी ली और बेहद सुरीली धुन में बजाने लगे.
आतंकी मोहम्मदजब भी प्रेम की मिसाल दी जाती है तो श्रीकृष्ण-राधा के प्रेम की मिसाल सबसे पहले आती है. राधा-श्रीकृष्ण के प्रेम को जीवात्मा और परमात्मा का मिलन कहा जाता है.राधा श्रीकृष्ण का बचपन का प्यार थीं. श्रीकृष्ण जब 8 साल के थे तब दोनों ने प्रेम की अनुभूति की. राधा श्रीकृष्ण के दैवीय गुणों से परिचित थीं. उन्होंने जिंदगी भर अपने मन में प्रेम की स्मृतियों को बनाए रखा. यही उनके रिश्ते की सबसे बड़ी खूबसूरती है.कहा जाता है कि श्रीकृष्ण को केवल दो ही चीजें सबसे ज्यादा प्रिय थीं. ये
श्रीकृष्ण के जितने भी चित्रण मिलते हैं, उनमें बांसुरी जरूर रहती है. बांसुरी श्रीकृष्ण के राधा के प्रति प्रेम का प्रतीक है. वैसे तो राधा से जुड़ीं कई अलग-अलग विवरण मौजूद हैं लेकिन एक प्रचलित कहानी नीचे दी गई है.दोनों चीजें भी आपस में एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई थीं- बांसुरी और राधा.कृष्ण की बांसुरी की धुन ही थी जिससे राधा श्रीकृष्ण की तरफ खिंची चली गईं. राधा की वजह से श्रीकृष्ण बांसुरी को हमेशा अपने पास ही रखते थे.भले ही श्रीकृष्ण और राधा का मिलन नहीं हो सका लेकि
भगवान श्रीकृष्ण से राधा पहली बार तब अलग हुईं जब मामा कंस ने बलराम और कृष्ण को आमंत्रित किया. वृंदावन के लोग यह खबर सुनकर दुखी हो गए.न उनकी बांसुरी उन्हें हमेशा एक सूत्र में बांधे रही. नावेद जट्ट उर्फ अबु हंजला. यह आंतकी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर है. आतंकी ज़हूर अहमद. हिज्बुल मुजाहिदीन का सदस्य. पुलवामा में आतंकी गतिविधियों में लिप्त. आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का चीफ ऑपरेशनल कमांडर हाफिज उमर. आतंकी जाकिर राशिद भट. आतंकी संगठन अनसर घजवात उल हिंद का कमांडर.
मथुरा जाने से पहले श्रीकृष्ण राधा से मिले थे.कृष्ण राधा से ये वादा करके गए थे कि वो वापस आएंगे. लेकिन कृष्ण राधा के पास वापस नहीं आए. उनकी शादी भी रुक्मिनी से हुई. रुक्मिनी ने भी श्रीकृष्ण को पाने के लिए बहुत जतन किए थे.
श्रीकृष्ण से विवाह के लिए वह अपने भाई रुकमी के खिलाफ चली गईं. राधा की तरह वह भी श्रीकृष्ण से प्यार करती थीं, रुक्मिनी ने श्रीकृष्ण को एक प्रेम पत्र भी भेजा था कि वह आकर उन्हें अपने साथ ले जाएं. इसके बाद ही कृष्ण रुक्मिनी के पास गए और उनसे शादी कर ली. राधा, कृष्ण के मन में चल रही हर गतिविधि को जानती थीं. राधा को अलविदा कह कृष्ण उनसे दूर चले गए.कृष्ण के वृंदावन छोड़ने के बाद से ही राधा का वर्णन बहुत कम हो गया. राधा और कृष्ण जब आखिरी बार मिले थे तो राधा ने कृष्ण से कहा था कि भले ही वो उनसे दूर जा रहे हैं, लेकिन मन से कृष्ण हमेशा उनके साथ ही रहेंगे. इसके बाद कृष्ण मथुरा गए और कंस और बाकी राक्षसों को मारने का अपना काम पूरा किया. इसके बाद प्रजा की रक्षा के लिए कृष्ण द्वारका चले गए और द्वारकाधीश के नाम से लोकप्रिय हुए.
जब कृष्ण वृंदावन से निकल गए तब राधा की जिंदगी ने अलग ही मोड़ ले लिया था. राधा की शादी एक यादव से हो गई. राधा ने अपने दांपत्य जीवन की सारी रस्में निभाईं और बूढ़ी हुईं, लेकिन उनका मन तब भी कृष्ण के लिए समर्पित था.राधा ने पत्नी के तौर पर अपने सारे कर्तव्य पूरे किए. दूसरी तरफ श्रीकृष्ण ने अपने दैवीय कर्तव्य निभाए.
सारे कर्तव्यों से मुक्त होने के बाद राधा आखिरी बार अपने प्रियतम कृष्ण से मिलने गईं. जब वह द्वारका पहुंचीं तो उन्होंने कृष्ण की रुक्मिनी और सत्यभामा से विवाह के बारे में सुना लेकिन वह दुखी नहीं हुईं.
जब कृष्ण ने राधा को देखा तो बहुत प्रसन्न हुए. दोनों संकेतों की भाषा में एक दूसरे से काफी देर तक बातें करते रहे. राधा जी को कान्हा की नगरी द्वारिका में कोई नहीं पहचानता था. राधा के अनुरोध पर कृष्ण ने उन्हें महल में एक देविका के रूप में नियुक्त किया.
राधा दिन भर महल में रहती थीं और महल से जुड़े कार्य देखती थीं. मौका मिलते ही वह कृष्ण के दर्शन कर लेती थीं. लेकिन महल में राधा ने श्रीकृष्ण के साथ पहले की तरह का आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस नहीं कर पा रही थीं इसलिए राधा ने महल से दूर जाना तय किया. उन्होंने सोचा कि वह दूर जाकर दोबारा श्रीकृष्ण के साथ गहरा आत्मीय संबंध स्थापित कर पाएंगी.
उन्हें नहीं पता था कि वह कहां जा रही हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जानते थे. धीरे-धीरे समय बीता और राधा बिलकुल अकेली और कमजोर हो गईं. उस वक्त उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की आवश्यकता पड़ी. आखिरी समय में भगवान श्रीकृष्ण उनके सामने आ गए.
कृष्ण ने राधा से कहा कि वह उनसे कुछ मांगें, लेकिन राधा ने मना कर दिया. कृष्ण के दोबारा अनुरोध करने पर राधा ने कहा कि वह आखिरी बार उन्हें बांसुरी बजाते देखना चाहती हैं. श्रीकृष्ण ने बांसुरी ली और बेहद सुरीली धुन में बजाने लगे.
श्रीकृष्ण ने दिन-रात बांसुरी बजाई, जब तक राधा
आध्यात्मिक रूप से कृष्ण में विलीन नहीं हो गईं. बांसुरी की धुन
सुनते-सुनते राधा ने अपने शरीर का त्याग कर दिया.
हालांकि भगवान कृष्ण जानते थे कि उनका प्रेम अमर है, बावजूद वे राधा की
मृत्यु को बर्दाश्त नहीं कर सके. कृष्ण ने प्रेम के प्रतीकात्मक अंत के रूप
में बांसुरी तोड़कर झाड़ी में फेंक दी. उसके बाद से श्री कृष्ण ने जीवन भर
बांसुरी या कोई अन्य वादक यंत्र नहीं बजाया.
कहा जाता है कि जब द्वापर युग में नारायण ने श्री कृष्ण का जन्म लिया था, तब मां लक्ष्मी ने राधा रानी के रूप में जन्म लिया था ताकि मृत्यु लोक में भी वे उनके साथ ही रहे.
कहा जाता है कि जब द्वापर युग में नारायण ने श्री कृष्ण का जन्म लिया था, तब मां लक्ष्मी ने राधा रानी के रूप में जन्म लिया था ताकि मृत्यु लोक में भी वे उनके साथ ही रहे.
Thursday, August 30, 2018
俄军演重现苏联规模 中国亮相意味深长
俄罗斯即将举行冷战以来"最大规模的军事演习",备战训练将使大批俄军进入高度戒备状态。“东方-2018”战略演习将于8月底在俄罗斯东部进行。
《独立报》报道说,这次演习的特别之处不仅在于其巨大的规模,而且由于有中国军队参加,这似乎表明地区的地缘政治发生变化。而之前俄罗斯一直对中国这个人口众多,经济更加繁荣的邻国心存戒备。北京方面已经证实将有3200名中国军人,900辆坦克和30架喷气式战机和直升机参加演习。另外还有少量蒙古军队参加这次军演。演习中的俄军数量更多,有两个俄罗斯军区的部队参加演习。
俄罗斯国防部长绍伊古说,即将进行的演习是"自1981年以来规模最大的一次,在地理跨度和参加部队数量上都是前所未有的"。俄罗斯国防部下辖的红星电视台说,演习会再现苏联强盛时期的军演:1981年的苏联军演规模宏大,有来自"华沙条约"国家的军队参加。
布拉格国际关系研究所的加罗提()说,俄罗斯这次大范围军演说明俄军已经恢复自信。他认为,扩大规模的核心是国际合作,"尽管西方国家竭力孤立克里姆林宫,但是许多国家仍然希望同俄罗斯合作。通过军售和合作,俄罗斯正利用军事实力在世界地缘政治中发挥更多的作用。"
但是俄罗斯和伙伴国并没有透露“东方-2018”战略演习的细节,诸如演习假想攻击的性质,外部敌人是谁。据加罗提说,演习的假想对手除了传统的军事威胁外,还可能包括骚乱暴动和其他非常规军事威胁。
尽管如此,俄罗斯资深议员对“东方-2018”战略演习的对手是谁的问题并不回避。据《独立报》报道,俄罗斯议会上院国防安全委员会的克林泽维奇()说,这次协同演习是对美国释放信号。
日本努力同俄罗斯接近,日本首相安倍向莫斯科提供经济好处,希望解决俄日间在南库叶岛长达70年的领土争端。但是在《独立报》报道中,莫斯科卡内基中心亚太项目的负责人加古耶夫( )认为日本的企图过于天真。
加古耶夫认为,"乌克兰之后,俄罗斯开始认定中国不再是威胁,在今后15-20年间中国肯定不再是威胁,现在同中国搞好关系是重中之重。在受到美国制裁的时候,谁还能愿意(像中国那样)承诺亿万美元的援助呢?"
莫斯科卡内基中心的亚太专家加古耶夫认为,今年的沃斯托克军演不仅是对美国及其他潜在对手展示武力,而且也显示俄罗斯和中国的关系发生了深刻的变化。
俄罗斯议员克林泽维奇说,过去美国对俄罗斯部队单位荒废,人员疏于演习,没有协同能力的状况很满意,但是"那已经成为过去"。
美国CNN报道说,8月是令西方俄罗斯观察家焦虑的季节。1991年8月俄罗斯发生了试图推翻戈尔巴乔夫的未遂政变,今年8月俄罗斯进行“东方-2018”战略演习,俄罗斯和西方进一步对抗的时机已经成熟了。
《每日电讯报》周四(8月23日)报道说,俄罗斯战机频繁接近黑海上空的北约防空区域,英国皇家空军的"台风"战机在两周内两次从罗马尼亚的北约基地起飞拦截。在最近一次拦截行动中,俄罗斯的苏-30战机从克里米亚起飞接近北约防空区。
罗马尼亚的国防部长说,近几个月来,俄罗斯的类似"挑衅"越来越频繁。英国国防大臣加文·威廉姆森8月初访问罗马尼亚宣布,英国和罗马尼亚要建立更紧密的军事合作关系。
周四《每日电讯报》的另外一则报道说,美国国家安全顾问博尔顿8月22日就叙利亚冲突对俄罗斯发出警告。报道说,这是华盛顿首次对俄罗斯发出的直接最后通牒。
博尔顿表示,除非支持叙利亚总统阿萨德政府的伊朗部队撤出叙利亚,否则不可能就叙利亚问题达成任何协议。但是克里姆林宫官员一直说,俄罗斯对于在叙利亚作战的伊朗部队没有发言权。
与此同时,俄罗斯认为美国应该从叙利亚撤走为数2000人的美国军队,美国应该支持饱受战乱的叙利亚的重建计划,让背井离乡的叙利亚难民尽快返回家园。
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